आधुनिकीकरण ने एक व्यक्ति के सामर्थ्य को वैश्विक रूप प्रदान किया है। उपग्रह संचार, वायु मार्गों एवं भारी जमीनी उपकरणों के साथ अब हमारी शक्ति और क्षमता वैश्विक हो गई है। अल्फ्रेड नार्थ वाइटहेड के शब्दों में आज का व्यक्ति जो भी बना है
*नीरज कुमार मिश्रा* स्वच्छ भारत यानि स्वस्थ भारत इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 कोमहात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। तब उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक से अपील की थी कि इसे
महाराष्ट्र के वाशिम जिले के साईखेड़ा गांव की रहने वाली संगीता अहवाले ने अपने घर में शौचालय का निर्माण करवाने के लिए अपना मंगलसूत्र तक बेच दिया। छत्तीसगढ़ जिले के धमतारी जिले में स्थित कोटाभारी गांव की 104 वर्ष आयु की वृद्धा कुंवर बाई
महात्मा गांधी ने अपने जीवन दर्शन को इन शब्दों “मेरा जीवन ही मेरा संदेश है” से व्यक्त किया है। उनका विविध और सक्रिय व्यक्तित्व सत्य और सिर्फ सत्य पर ही आधारित था। अहिंसा इनके जीवन का दूसरा सबसे बड़ा सिद्धांत था। भारत छोड़ो आंदोलन की
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीनस्थ पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) द्वारा आज संगणित/प्रकाशित सूचना के अनुसार भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 28 सितंबर 2016 को 43.48 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। यह 27 सितंबर 2016 को
भारत सरकार ने (i) मूल्य आधारित नीलामी के जरिये 2,000 करोड़ रुपये (सांकेतिक) की अधिसूचित राशि के लिए ‘7.35 फीसदी ब्याज वाले सरकारी स्टॉक 2024’ (ii) मूल्य आधारित नीलामी के जरिये 8,000 करोड़ रुपये (सांकेतिक) की अधिसूचित राशि के लिए ‘7.61 फीसदी ब्याज वाले
नयी दिल्ली, 29 सितंबर :शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि देश सच्चे अर्थों में तब शिक्षित होगा जब जहां-तहां कूड़ा फैलाने वाले (लिटेराती) लोगों से यह मुक्त होगा। वे राजधानी में स्वच्छता प्रोद्यौगिकी पर आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद
नवदपंती अपनी शादी के पहले दिन एक पति और पत्नी आपस में ही अपने बीच एक शर्त रखते है, कि वो किसी के लिए भी अपना दरवाजा नहीं खोलेंगे चाहे जो भी हो ! उसी दिन उस लड़के के माता पिता आते हे और
हीमोफीलिया आनुवंशिक रोग है। यह खून के थक्के बनने की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को सामान्य व्यक्ति की तुलना में, चोट लगने पर अधिक मात्रा में खून बहता है। इस बीमारी से महिलाओं की तुलना में पुरुषों के प्रभावित होने
रीवा जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली बिछिया नदी बहुत बुरे दौर से गुजर रही है। आधी नदी के सूख जाने से लोगों ने उसे खेत बना डाला है जबकि बचे खुचे हिस्से पर जलकुम्भी ने कब्जा कर रखा है। विन्ध्य और कैमूर