शरीर को अलग अलग मुद्राओं में मोड़ना या असंभव लगने वाली क्रियाएं करना ही योग नहीं है। योग में व्यक्ति का मस्तिष्क और शरीर कुछ इस तरह मिलते हैं जिससे दिमागी कसरत तो होती ही है साथ ही शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचे अत्यंत लाभ भी मिलते हैं। योग से उच्च रक्तचाप सामान्य होता है, तनाव कम होता है, मोटापे और कोलेस्ट्रोल पर नियंत्रण होता है इसके साथ ही व्यक्ति का रक्तसंचार तेज होता है जिससे सौंदर्य में भी वृद्धि होती है। इसका प्रभाव तन ही नहीं बल्कि मन पर भी पड़ता है। योग करने से मन शांत रहता है। योग के जादुई फायदों के कारण ही पूरा संसार अब योग की ओर बढ़ रहा है। आध्यात्मिक दृष्टि से भी योग के अलग फायदे हैं। आइए जानते हैं योगासन के गुण और लाभ के बारे में

मन की शांति

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योग के संपूर्ण रूप से सांस लेने और संतुलन वाले आसनों पर केंद्रित होने के कारण मस्तिष्क शांत रहता है। साथ ही शरीर भी संतुलित रहता है। इसके कारण हम मस्तिष्क के दोनों भागों से काम लेते हैं जिससे आंतरिक संचार बेहतर होता है। योग करने से मस्तिष्क के सोचने और सृजनात्मकता वाले हिस्सों का भी संतुलन बना रहता है।

 बेहतर रक्तसंचार
अलग अलग तरह की योग मुद्राओं और सांस लेने की क्रियाओं के सांमजस्य के कारण योग से शरीर में बेहतर रक्तसंचार होता है। बेहतर रक्तसंचार से शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को बेहतर प्रवहन होने में मदद मिलती है। जिससे त्वचा और आंतरिक अंग स्वस्थ रहते है।

स्वस्थ हृदय
ऐसा कोई भी योग जिसमें कुछ समय के लिए सांस रोकी जाती है हृदय और उसकी धमनियों को स्वस्थ रखता है। योग रक्तसंचार को बेहतर करता है जिससे रक्त एक जगह रूकता नहीं और हृदय स्वस्थ रहता है।

 गर्भावस्था में योग

pregnantगर्भावस्था में स्वस्थ रहने का सबसे आसान तरीका है योग को अपना जाए। नियमित रूप से योग करने वाली गर्भवती महिलाओं को थकान कम होती है तनाव दूर होता है साथ ही मांसपेशियों में खिंचाव के कारण लचीलापन भी आता है। इतना ही नहीं बेहतर रक्तसंचार पाचन और स्नायुतांपर नियंत्रण रहता है। इसके कारण पीठ में दर्द नींद न आना पैरों में दर्द अपच जैसे लक्षणों में आराम मिलता है। हालांकि गर्भवती महिलाओं को कुछ भी शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

 

 

 

मोटापे से मुक्ति के लिए योग

surya-namaskar-650_650x488_81434383668योग से पेट के अलावा शरीर के अन्य भागों से भी अतिरिक्त चर्बी को हटा सकते हैं। अलग अलग हिस्सों की चर्बी हटाने के लिए अलग अलग योग हैं। किसी एक कसरत से ऐसा होना संभव नहीं इसलिए धैर्य के साथ योग को अपनाएं।

 

 दर्द से रखे दूर

योग से शरीर का लचीलापन और एनर्जी बढ़ती है जिससे पीठ का दर्द जोड़ों का दर्द आदि में बेहद आराम मिलता है। इससे रीढ़ की हड्डी में दबाव और जकड़न से भी आराम मिलता है। इतना ही नहीं गलत ढंग से बैठने या चलने के कारण होने वाले दर्द में भी योग से आराम मिलता है।>योग के संपूर्ण रूप से सांस लेने और संतुलन वाले आसनों पर केंद्रित होने के कारण मस्तिष्क शांत रहता है। साथ ही शरीर भी संतुलित रहता है। इसके कारण हम मस्तिष्क के दोनों भागों से काम लेते हैं जिससे आंतरिक संचार बेहतर होता है। योग करने से मस्तिष्क के सोचने और सृजनात्मकता वाले हिस्सों का भी संतुलन बना रहता है।