नवदपंती अपनी शादी के पहले दिन एक पति और पत्नी आपस में ही अपने बीच एक शर्त रखते है, कि वो किसी के लिए भी अपना दरवाजा नहीं खोलेंगे चाहे जो भी हो ! उसी दिन उस लड़के के माता पिता आते हे और अन्दर जाने के लिए दरवाजा खट खटाया ! पति पत्नी एक दुसरे की तरफ देखते है। पति अपने माता पिता के लिए दरवाजा खोलना चाहता है लेकिन फिर उसे वह शर्त याद आ जाती है। वो वह दरवाज़ा नहीं खोलता है ओर उसके माता पिता चले जाते है । कुछ समय के बाद उस लड़की के माता-पिता आते है और अन्दर जाने के लिए दरवाजा ख़ट खटाते है । पति पत्नी फिर एक दुसरे की तरफ देखते है और उस समय भी वो दोनों उसी शर्त को याद करते है । पर पत्नी की आँखों में आंसू आ जाते हे वो अपने आंसू पोछती हुए कहती हे मै तो अपने माता पिता के लिए ऐसा नहीं कर सकती और वो वह दरवाजा खोल देती है । पति कुछ नहीं कहता है । कुछ समय के बाद उनके घर दो पुत्र जन्म लेते है । समय बीतता चला जाता हे ओर इसके बाद उनको तीसरा बच्चा होता है जो एक लड़की (बेटी) के रूप में प्राप्त होती है । पति अपनी पुत्री के जन्म लेने के अवसर पर एक बहुत बड़ी और शानदार पार्टी का आयोजन करता है और अपने सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को बुलाता है । तब फिर उसकी पत्नी उससे पूछती है कि क्या कारण था जो उसने बेटी के जन्म पर इतनी बड़ी पार्टी का आयोजन किया जबकि इससे पहले दोनों बेटों के जन्म पर ऐसा कुछ नहीं किया । तब उसका पति अपने साधारण से शब्दों में बड़े प्यार से उत्तर देता है : क्योकि यही वो है जो एक दिन मेरे लिए दरवाजा खोलेगी । बेटिया बहुत स्पेशल होती है, आपकी छोटी सी बेटी भले ही आपके साथ कुछ समय के लिए ही रहे लेकिन उसका दिल और प्यार जीवनभर अपने माता पिता के लिए रहता है । एक बेटी पुरे घर परिवार का माहोल बदल देती हे घर की आन बान शान होती हे बेटी । कुछ ऐसी ही होती हे हमारी बेटियां